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Showing posts from August, 2019

Chapter - 8 भाषा और विचार (Language and Thought)

Chapter - 8  भाषा और विचार (Language and Thought) Chapter - 8 भाषा और विचार (Language and Thought) भाषा क्या है ? भाषा विचारो को अभिव्यक्त करने का मानव द्वारा निर्मित साधन है।  यह कोई अनुवांशिक क्रिया नहीं है यह बालक द्वारा अनुकरण एवं प्रयासों द्वारा ग्रहण की जाती है। विश्वकोष के अनुसार भाषा ध्वनि, प्रतीकों अथवा संकेतों की ऐसी व्यस्था है जिससे एक समूह के लोग आपस में विचारों का आदान प्रदान कर सकते हैं। अभिलक्षण   भाषा विचार व्यक्त करने का एक सांकेतिक साधन है। भाषा विचारों से सम्बंधित है। भाषा पैतृक संपत्ति नहीं है यह एक अर्जित संपत्ति है भाषा की कला अनुकरण द्वारा प्राप्त होती है। हर भाषा की अपमी सीमा होती है और अलग सरंचना होती है। भाषा सभ्यता तथा संस्कृति का हिस्सा है। भाषा शिक्षण के सिद्धांत 1. भाषा मिश्रण का सिद्धांत बालक जिस प्रकार के भी सामाजिक वातावरण में रहता है वह वंहा से स्वयं ही सीखना शुरू कर देता है। आरम्भ में बालक अनुकरण करके ध्वनियों को बोलना सीखता है। फिर बड़ों की बातों को समझ कर उनसे बात करने की कोशिश करता है। फिर वह उन करि...

chapter 7 बुद्धि तथा बहुआयामी बुद्धी (Construct of Intelligence and Multi-Dimensional Intelligence)

chapter 7  बुद्धि तथा बहुआयामी बुद्धी (Construct of Intelligence and Multi-Dimensional Intelligence) बुद्धि तथा बहुआयामी बुद्धी (Construct of Intelligence and Multi-Dimensional Intelligence)     बुद्धि का सवरूप : अर्थ और परिभाषा  बुद्धि शब्द प्राचीन काल से व्यक्ति की तत्परता  समस्या समाधान की क्षमताओं के सन्दर्भ में प्रयोग होता है। सभी व्यक्ति समान योग्य नहीं होते। बौद्धिक योग्यता ही उनके आसमान होने का प्रमुख कारन है।  प्रत्येक मनोवैज्ञानिक का बुद्धि के सन्दर्भ में अलग मत है। वुडवर्थ के मतानुसार बुद्धि कार्य करने की विधि है टर्मन के अनुसार बुद्धि अमूर्त विचारों के बारे में सोचने की योग्यता है। वुडरो के अनुसार बुद्धि ज्ञान का अर्जन करने की क्षमता है।  डियरबॉर्न के अनुसार बुद्धि सिखने या अनुभव से लाभ उठाने की क्षमता है।  हेनमान के अनुसार ज्ञान में दो तत्व होते है, ज्ञान की क्षमता और निहित ज्ञान। बीने के अनुसार बुद्धि इन चार शब्दों में निहित है ज्ञान, अविष्कार, निर्देश, और आलोचना।  थार्नडाइक के मतानुसार सत्य या ...

chapter 6 बाल केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child Centered and Progressive Education)

chapter 6 बाल केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child Centered and Progressive Education) HOME बाल केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child Centered and Progressive Education) बाल केन्द्रित शिक्षा शिक्षा बालक की मूल प्रवृत्तियों प्रेरणाओं और संवेगों पर आधारित होनी चाहिए ताकि उनकी शिक्षा को  नयी दिशा दी जा सके यदि उसमे कोई गलती है तो उसे ठीक किया जा सके इसके अंतर्गत बच्चों का शारीरिक व् मानसिक योग्यताओं का अध्ययन करके उनके आधार पर बच्चों की विकास में मदद करते हैं। जैसे  यदि कोई बच्चा मानसिक रूप से या शारीरिक से कमजोर है या आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा है तो पहले उसकी उस कमी को दूर किया जाता है। कुछ शिक्षक मनोवैज्ञानिक ज्ञान के आभाव में मार पीट कर ठीक करने की कोशिश करते हैं परन्तु यह स्थिति को और खराब कर देगा। भारतीय शिक्षाविद गिजु भाई ने बाल केंद्रित शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उन्होंने इसके लिए कई प्रसिद्द पुस्तकों की रचना की है जो बाल मनोविज्ञान शिक्षा शास्त्र एवं किशोर साहित्य से सम्बंधित हैं। बाल-केन्द्रित शिक्षा की मुख्य विशेषताएँ हैं - बालकों को समझन...

chapter 5 पियाजे, कोह्लबर्ग, वाइगोत्स्की के सिद्धांत (Principle of Piaget, Kohlberg and Vygotsky)

chapter 5  पियाजे, कोह्लबर्ग, वाइगोत्स्की के सिद्धांत (Principle of Piaget, Kohlberg and Vygotsky) पियाजे, कोह्लबर्ग, वाइगोत्स्की के सिद्धांत (Principle of Piaget, Kohlberg and Vygostky) विकास की अवस्थाओं के  सिद्धांत(Principle of Development Stages) मानव विकास की वृद्धि के कई आयाम होते हैं। विकास की अलग अलग अवस्थाओं में बालक में विशेष गुण देखने को मिलते हैं। इनके आधार पर मनोवैज्ञानिक  अवस्थाओं के अनेक सिद्धांत बनाते हैं। विकास की अवस्थाओं से सम्बंधित सिद्धांतों में पियाजे, कोह्लबर्ग, वाइगोत्स्की के सिद्धांत विशेष रूप से प्रसिद्द हैं।   जीन प्याजे के विकास की अवस्थाओं के सिद्धांत   जीन प्याजै स्विट्ज़रलैंड के एक प्रसिद्द मनोवैज्ञानिक थे। बच्चों में बुद्धि का विकास कैसे होता है यह जानने के लिए उन्होंने अपने ही बच्चो पर खोज की। जैसे जैसे वे बड़े हुए उनकी मानसिक विकास की क्रियाओं का बारीकी से अध्ययन किया गया। इन अध्ययनों के अनुसार जिन सिद्धांतों को बताया गया है वे पियाजे के मानसिक विकास  के नाम से जाने जाते हैं। संज्ञानात्मक विकास का अभिप्राय ब...